उत्तर रेलवे (www.nreps.com)में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर, रेलवे बोर्ड ने आठ क्षेत्रीय रेलों (पश्चिम रेलवे, मध्य, उत्तर, दक्षिण पूर्व मध्य, पश्चिम मध्य, उत्तर मध्य, दक्षिण और दक्षिण मध्य रेलवे) और पांच उत्पादन इकाइयों (रेल डिब्बा कारखाना, सवारी डिब्बा कारखाना, डीजल रेल इंजन कारखाना, डीजल आधुनिकीकरण कारखाना और रेल पहिया कारखाना) में ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम के क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की है. ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम के क्रियान्वयन से पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रोक्योरमेंट टाइम-साइकल में कमी होगी जिसके फलस्वरूप खरीद संबंधी प्रक्रिया में सुधार होगा. इससे सामग्री की लागत कम होने के साथ-साथ लॉजिस्टिक और ट्रांजेक्शन लागत में बचत के कारण खरीद की लागत में भी कमी होगी. यह परियोजना क्रिस के सुरक्षित डेटा केन्द्र में क्रियान्वित की जाएगी जिसे अन्य रेलों से भी जोड़ा जाएगा.
ई-प्रोक्योरमेंट एप्लीकेशन प्रणाली निम्नलिखित के लिए भी सुविधा प्रदान करती है :
विभिन्न प्रकार के निविदा प्रपत्रों को वेबसाइट पर तैयार और अपलोड करना.
वेंडरों द्वारा बोली प्रपत्रों को सर्च, व्यू और डाउनलोड करने की निशुल्क सुविधा.
डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित और कोड की गई बोलियों को पूर्व निर्धारित फारमेट में ऑनलाइन प्रस्तुत करने के साथ-साथ परफोर्मेंस स्टेटमेंट आदि जैसे प्रपत्रों को डाउनलोड करने की सुविधा.
पेमेंट गेटवे के माध्यम से निविदा शुल्क और बयाना राशि का भुगतान.
क्रेता के दो प्राधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा अपने पासवर्ड और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करके निर्धारित तारीख और समय पर बोलियों को खोलना.
दरों का मद-वार, परेषिती-वार और आपूर्तिकर्ता-वार तुलनात्मक विवरण और तकनीकी विशेषताओं के अनुसरण संबंधी आंकड़े तैयार करना.
निविदा खुलने के बाद वेंडरों को तुलनात्मक विवरण उपलब्ध कराना.